विदर्भ में अमूल लाएगा ४०० करोड़ का प्रोजेक्ट, किसानों की आर्थिक स्थिति होगी बहाल


सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित महाराष्ट्र के विदर्भ में अमूल ४०० करोड़ रुपए की प्रोजेक्ट लगाएगा| केन्द्र सरकार को अमूल के इस प्रोजेक्ट से विदर्भ की मुश्किलें दूर होने की उम्मीद बनती दिखाई दे रही है| केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लिबरेटिंग द फार्मर्स मफाम डेब्ट ट्रैप सेमिनार में इस बात का जिक्र किया| इस सेमिनार में किसानों की हालत पर चर्चा करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि विदर्भ में किसानों के हालात बेहद नाजुक है| वहां के लोगों की तंग हालत को देखकर सबको एक जुट होकर काम करना होगा| हमें भरोसा है कि अगर अमूल विदर्भ में इतना बड़े टारगेट के साथ अपनी योजना संचालित करता है तो विदर्भ में दुग्ध उत्पादन में बेहतर काम किया जा सकता है|
रोका जा सकेगा किसानों के आत्महत्या का मामला
केन्द्र सरकार ने विदर्भ में किसान परिवारों की तंगी हालत को देखते हुए डेयरी प्रमुख अमूल से इस प्रोजेक्ट को लाने की गुजारिश की है| नितिन गडकरी ने हाल ही में एक वार्ता में बताया कि विदर्भ में सूखे के चलते बड़ी संख्या में किसानों के आत्महत्या के मामले सामने आए हैं| यही वजह है कि केन्द्र सरकार ने विदर्भ में किसान परिवारों की तंगी हालत को देखते हुए डेयरी प्रमुख अमूल से इस प्रोजेक्ट को लाने की गुजारिश की है| अच्छी बात यह है कि केन्द्र सरकार के समर्थन मिलने के बाद अमूल ४०० करोड़ का बड़ा निवेश करने का कदम उठाने को तैयार है|
केन्द्र सरकार के समर्थन से होगा पांच गुना ज्यादा उत्पादन
गडकरी ने अमूल से मिलजुलकर काम करने की बात भी कही ताकि मौजूदा हालातों की तुलना में चार से पांच गुना अधिक दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जा सके| गौरतलब है कि नितिन गडकरी महाराष्ट्र नागपुर से सांसद हैं और उनका विदर्भ के किसानों के प्रति सोचना उचित है| केन्द्र सरकार ने विदर्भ में प्रोजेक्ट लगाना इसलिए भी आसान है क्योंकि यहां पर ७५ फीसदी घर वानिकी क्षेत्र में हैं| हालांकि अमूल और केन्द्र सरकार दोनों ही के लिए चुनौती साबित हो सकती हैं| इस प्रोजेक्ट में गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग मेडरेशन ने अमूल प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट पर साथ देने का वायदा किया है|
मधुमक्खी पालन, बांस एवं रेशम उत्पादन भी प्रमुखता पर
विदर्भ से पहले अमूल ने महाराष्ट्र के जलगांव में अपना बड़ा प्रोजेक्ट लगाया था जिससे राज्य स्तर पर अच्छा मायदा मिला था| अगर अमूल विदर्भ में अपनी यह योजना लेकर आती है तो महाराष्ट्र में अमूल का अब तक सबसे बड़ी योजना साबिेत होगी| अगले चार सालों में दुग्ध उत्पादन में अपना निवेश बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रहा है| इसके अलावा गड़करी विदर्भ की किसानों के साथ विदर्भ की जनता के लिए बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम उत्पादन, बांस उत्पादन और गाय की विभिन्न ब्रीडिंग पर विचार कर सकती है|
चार सालों में २५०० करोड़ का निवेश
अगले चार सालों में अमूल महाराष्ट्र में बड़ा निवेश करने की तैयारी में जुट चुका है| बताया जा रहा है कि आने वाले समय में अमूल २५०० करोड़ का निवेश करने की तैयारी में है| अमूल के पास ऐसी प्रोसेसिंग कैपेसिटी है जिसमें वह ३८ करोड़ लीटर उत्पादन क्षमता बढ़ा सकता है|