अगर शादी के बाद जिंदगीमे नही चाहते हो कभी ' तलाक' तो शादीके पहलेही करे अपने रियल लाईफ पार्टनर को 'लॉक'


दोस्तो कहते है, शादी वो लड्डू है जो खाये वो पछताये और जो नही खाये वो भी पछताये.. लेकीन ये लड्डू खाकर पछताने वालोकी तादाद दिनोदिन बढ रही है.और ये सौ टका सच भी है.

शादी का रिश्ता जोडते वक्त हर परिवार बहुतही खुश रहता है.शादी के बाद भी वो खुशींया दिनदूनी रात चौगूनी हो जाए,किसी तरहा के विवाद, क्लेश,झगडे नही हो और तलाक तो बिलकुल नही हो ऐसा हर कोई सोचता है.लेकीन 'मनचाहा' या विचारोंके'अनुकूल' जिवनसाथीनही मिला तो चार दिवारोंके अंदर होनेवाले झगडे रस्तेपर आ जाते है और कब कोर्टतक पहुंच जाते है पता ही नही चलता...ऐसा लगता है मैने क्या देखा है इस शख्स में,जो मैने इससे शादी करली?दोस्तों सच बात तो ये हैं की,हर शादीशुदा शख्स चाहता है,जिवनसाथी का प्यार,उसकी समझदारी, एकदुजे का समर्पण भाव, एकदुजे के मिलते जुलते खयालात और ठोस वफादारी.और ये सारी बातोंका आधार होता है एकदुजे के प्रति रहनेवाले व्हायब्रेशन्सपर (तरंगोपर).ये तरंगे, ये व्हायब्रेशन्स कुदरतने सभी को प्रदान किये है. लेकिन हम आजतक इनसे अनजान है. शादी जोडते वक्त भी हम इन व्हायब्रेशन्सपर ध्यान नही देते,इसका टेस्ट नही करते. रिश्ता ढुंढते वक्त हम केवल एज्युकेशन,पैसा, सुंदरता, स्टेटस,और फिगर ही देखते है.लेकिन जब शादीशुदा जिंदगीमे टकराव होने लगता है और बात धिरेसे तलाक तक पहुंचती है तो रिश्ता जोडते वक्त देखी हुई एक भी बात काम नही आती...

तो फिर इन्ही बातोंको कितनी अहमियत देनी चाहिए ये भी हमे समझना पडेगा न? जैसा की हमने कहा, शादीशुदा जिंदगी खुशनुमा रहने के लिए जिवनसाथी का प्यार, समर्पण भाव, वफ़ादारी, समझदारी, जिम्मेदारीयोंका अहसास, ये सारी बातें बहुत जरूरी होती है. 
और ये सारी बातोंका पता चलता है 'व्हायब्रेशन्ससे'.

जो जनमतिथीमे छिपे होते है. इसके लिए जरूरी है शादी करनेवाले लडकी और लडकेकी रियल बर्थडेट. कोई भी रिश्ता देखने जाने से पहले आपके पास आए हुये बायोडाटा मे से केवल जनमतिथी हमे बताकर मॅचमेकींग करवा लो.और व्हायब्रेशन्स ५०% के उपर आ जाए तो 
खुशीसे रिश्ता पक्का किजीए. मतलब अच्छा रिश्ता ढुंढनेके लिए गांवगांव घुमने की जरूरत नही.घरबैठे भी अनुकूल जिवनसाथी  चुनकर उचित फैसला ले सकते है.मतलब शादी के बाद ना झगडा, ना टकराव, ना कोर्टकचहरी, ना तलाक, ना पैसोंकी बरबादी, ना बेइज्जती, ना दिमागी परेशानी, कुछ भी नही....

केवल एक मॅचमेकींग और आपकी सारी परेशानीयोंपर रोक. फिर क्या सोच रहे हो? शादी के पहलेही अपने भावी जिवनसाथी का अपने साथ मॅचमेकींग किजीए और शादीशुदा जिंदगीमे ताउम्र खुश रहीए...

मॅचमेकींग के फायदे :- 
१) रिश्ता ढुंढने के लिए  घुमना नही पडता, मतलब पैसोंकी बचत.
२)लडका लडकीके व्हायब्रेशन्ससे ही उनके गुणदोष पता चलते है तो प्रतिकुल रिश्ता देखने का सवालही नही उठता.
३)तलाक या शादीशुदा जिंदगीमे उठनेवाले तुफान का पहलेही अंदेशा हो जाए तो उस रिश्ते को ना कह सकते है.
४)शादी के बाद भविष्यमे होनीवाली सभी प्रकार की त्रासदी से बच सकते है (मानसिक/ सामाजिक/ पारिवारीक/ आर्थिक).
५)मॅचमेकींग से केवल अनुकूल जिवनसाथी ही चुना जा सकता. इसलिए तलाक की नौबत ही नही आती. 
६)जिवनसाथी अनुकूल मतलब शादीशुदा जिंदगी 'हॅपी'.
७)तलाक रुक गये तो कोर्टपर काम का जो प्रेशर है वो भी कम हो जाएगा.
८)हर शादीशुदा जिंदगी खुशनुमा रहेगी तभी भारतीय परिप्रेक्ष्यमें हम एक सभ्य एवं निरोगी समाजका निर्माण कर पायेंगे.

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे  : 

डॉ रविथ राजवंश ​7020951225, 7387139346