Alert: बस एक फोन कॉल से लुट जाएगा आपका बैंक और फेसबुक अकाउंट, ऐसे बचें...


आज के जमाने में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने जहां हमें कई मायनों में सहूलियत दी है, वहीं थोड़ी सी असावधानी से यह हमारे लिए परेशानी का सबब भी बन सकती है. आपने अकाउंट हैक होना या डेटा लीक होने संबंधी मामलों के बारे में तो हम सब सुनते आ रहे हैं, लेकिन इन दिनों सिम कार्ड की क्लोनिंग के मामले भी सामने आ रहे हैं.

ऑनलाइन फ्रॉड के इस नये तरीके को सिम स्वैप कहते हैं. अमेरिका और यूरोप में ऐसे फ्रॉड ज्यादा होते हैं, लेकिन अब यह भारत भी आ रहे हैं. अमेरिकी ट्रेड फेयर कमीशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2013 में सिम स्वैप के जरिये 1,038 फ्रॉड के मामले रिपोर्ट किये गये, जो इस साल की शुरुआत तक 3500 के करीब पहुंच गये.

धोखे से बदल जाता है आपका सिम कार्ड

सिम स्वैप का मतलब है सिम कार्ड को नये सिम से बदल दिया जाना. लेकिन इस फ्रॉड में सिम कार्ड आपको धोखे में रखकर बदल दिया जाता है. टेलीकॉम कंपनी को एक मैसेज करके आपके मौजूदा सिम को डीएक्टिवेट कर दिया जाता है और नये सिम के जरिये आप ऑनलाइन ठगी के शिकार हो सकते हैं.

20 अंकों वाला सिम का वह नंबर

फ्रॉड की यह प्रक्रिया कुछ इस तरह शुरू होती है. सबसे पहले ठग आपके नंबर पर कॉल करते हैं और खुद को उस टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताते हैं, जिसका सिम आप इस्तेमाल करते हैं. ये ठग आपको इस बात के लिए आश्वस्त करते हैं कि यह कॉल यूजर के फोन पर कॉल ड्रॉप और इंटरनेट चलाने में आनेवाली दिक्कतें दूर करने के लिए किया गया है. फोन करनेवाले ठग आपके घर पर 4जी सिम मुफ्त पहुंचाने का भी वादा करते हैं. बातों-बातों में ये ठग आपसे 20 अंकों वाला वह नंबर पूछते हैं जो सिम कार्ड के पीछे छपा होता है.

चला जायेगा सिम का नेटवर्क

सिम कार्ड का 20 अंकों वाला यह नंबर बता देने के बाद आपके फोन पर सिम स्वैप के लिए एक मैसेज आता है. अब आपसे ये ठग पुष्टि के लिए 1 दबाने को कहते हैं. टेलीकॉम कंपनी को लगता है कि आपने ही नये सिम के लिए आवेदन किया है. इसके बाद आपका सिम का नेटवर्क चला जाता है और काम करना बंद कर देता है. जैसे ही आपके नंबर से नेटवर्क गायब होता है, ठीक उसी समय ठग के पास आपके नंबर के नये सिम पर नेटवर्क आ जाता है.

क्लोन सिम पर आयेगा OTP

ऐसी धोखाधड़ी में ठग के पास आपका बैंक अकाउंट नंबर या एटीएम कार्ड नंबर पहले से होता है, बस जरूरत होती है तो एक ओटीपी की और यह ओटीपी आपका सिम स्वैप करने से मिल जाता है. इसके बाद वह आपके नंबर पर ओटीपी मंगाता है और जमकर शॉपिंग करता है. कई मामलों में देखा जाता है कि ठग आपसे मोबाइल नंबर के साथ आधार नंबर भी मांगते हैं, क्योंकि आजकल बैंक से लेकर कई सारी सेवाएं आधार से सीधे तौर पर जुड़ी हैं.

अपना फोन हरगिज बंद ना करें

कई बार ये ठग आपको इतना परेशान कर देंगे कि आप गुस्से में आकर फोन ही बंद कर देते हैं. इसी चीज का वे इंतजार करते हैं, ताकि लेनदेन होने पर आपके नंबर पर मैसेज ना आये और आपको कुछ पता भी ना चले. ऐसे में अपना मोबाइल फोन बिल्कुल बंद ना करें.

ऐसे जानें कि आपका सिम स्वैप हो गया है

मान लीजिए कि आपका सिम क्लोन हो गया है, तो आप ऐसे जानेंगे कि आपका सिम कार्ड स्वैप हो चुका है. अगर आपके मोबाइल फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा है या आप कोई कॉल या एसएमएस नहीं कर पा रहे हैं और यह समस्या ऐसे ही 4-5 घंटों तक बनी रहती है, तो यह पक्का कर लें कि आपके आसपास के क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या है या नहीं. अगर आपके क्षेत्र के नेटवर्क में कोई परेशानी है तो ठीक है, वरना समझिए कि आपका सिम कार्ड स्वैप हो चुका है.

सिम कार्ड स्वैप हो गया, तो करें यह काम

अगर आपका सिम कार्ड स्वैप हो जाता है, तो जितना जल्दी हो सके अपने बैंक से संपर्क करें. आपने अपना फोन नंबर जितने भी बैक अकाउंट के साथ रजिस्टर करा रखा है, उन सभी बैंकों के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी समस्या बता दीजिए. उनसे कहें कि आपके बैंक खाते को फ्रीज कर दें, ताकि कोई भी आपके खाते से पैसे ना निकाल पाये.

इसके बाद अपने मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर से संपर्क करें. इसके लिए आप या तो अपने टेलीकॉम ऑपरेटर के स्थानीय आउटलेट पर जायें या उसके कस्टमर केयर नंबर पर फोन करें. यहां आप उन्हें बतायें कि आपका सिम कार्ड गुम हो चुका है और आपका सिम कार्ड ब्लॉक कर दें. सिम कार्ड ब्लॉक करा देने के बाद फौरन उसी नंबर का सिम अपने नाम से शुरू करा लीजिए. इससे स्वैप किया गया आपका सिम बंद होकर फिर से आपके पास चालू हो जाएगा.