कंगाल पाकिस्तान के नागरिकों का विदेशों में जमा है ११ अरब डॉलर का कालाधन


एक ओर पाकिस्तान अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए दुनियाभर से कर्ज मांग रहा है| दूसरी ओर यहां के नागरिक अपना कालाधान विदेशों में जमा कर रहे हैं| हालात यह हैं कि पाकिस्तान कंगाली की कगार पर खड़ा है| इस बीच खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी नागरिकों ने विदेशों में बड़ी मात्रा में कालाधन जमा कर रखा है| १,५२,५०० खातों में जमा है कालाधन लाहौर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में पाकिस्तान के राजस्व मंत्री हम्माद अजहर ने बताया कि विदेशी बैंकों में १५२,५०० से अधिक खातों में पाकिस्तानी नागरिकों का ११ अरब डॉलर का काला धन जमा हैं| ये सभी विदेशी खाताधारक पाकिस्तानी नागरिक हैं और उन लोगों ने जितनी रकम गुप्त रूप से विदेशी खातों में जमा की हुई है, उनमें से आधी से अधिक रकम अघोषित है| मंत्री ने कहा है कि विदेशी खातों की संख्या चौंकाने वाली है| इसी तरह इन खातों में जमा धन राशि और खाता धारकों के नाम भी चौंकाने वाले हैं| उन्होंने कहा कि कई लोगों के पास वैध और दस्तावेजी कारोबारी नहीं है| यह देश में कर चोरी के पैमाने को दर्शाने करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए| उन्होंने कहा कि अगर हम इस धन को वापस ले आते हैं तो हमें भीख मांगने की नौबत नहीं आएगी| उन्होंने कहा कि फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) विदेशी खाताधारकों की निगरानी कर रहा है|
लंबे समय से कालेधन की समस्या से जूझ रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान लंबे समय से काले धन की समस्या से जूझ रहा है | स्विट्जरलैंड के सेंट्रल बैंक एसएनबी (स्विस नेशनल बैंक) की रिपोर्ट के अनुसार २०१६ के अंत तक स्विस बैंकों में पाकिस्तानी नागरिकों के करीब एक अरब ४१ करोड़ ६० लाख डॉलर जमा थे| पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नाम भी पनामा पेपर्स में आ चुका है| इसके अलावा उनके खिलाफ पाकिस्तान में भ्रष्टाचार को लेकर कई मामले चल रहे हैं| फिलहाल वह भ्रष्टाचार के मामले में जेल में सजा काट रहे हैं|