२०० और २००० रुपये के नोटों के लिए जारी नए नियमों को जान लीजिए


रजर्व बैंक ने कुछ दिन पहले ही इन नोटों को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं| नोटों की अदलाबदली रिजर्व बैंक की धारा २८ के अंतर्गत आता है| अभी तक इन नए नोटों को लेकर कोई निर्देश नहीं जारी किए गए थे|


नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नए २,००० रुपये के नए नोट जारी किए थे| इसके बाद २०० रुपये के भी नए नोट जारी किए गए| लेकिन देश के नागरिकों के सामने इन नोटों को लेकर नई समस्या उत्पन्न हो गई| दरअसल बैंकों ने उन नोटों को लेने से इनकार कर दिया जो अच्छी हालत में नहीं थे या कटे फटे थे| कई लोगों ने तो ये भी कह दिया कि बैंक की तरफ से ही ऐसे नोट मिले और जब वैसे ही नोट बैंक में जमा करने गए तो उसे जमा करने से मना कर दिया गया|


हालांकि रिजर्व बैंक ने कुछ दिन पहले ही इन नोटों को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं| नोटों की अगलाबदली रिजर्व बैंक की धारा २८ के अंतर्गत आता है| अभी तक इन नए नोटों को लेकर कोई निर्देश नहीं जारी किए गए थे| लेकिन नए गजट में इन नोटों को भी शामिल कर लिया गया है| तो अब बैंक किसी भी नागरिक से ऐसे नोट लेने से मना नहीं कर सकते|


२००० रुपये के नोट तो नोटबंदी के तुरंत बाद जारी हो गए थे, लेकिन २०० रुपये के नोट बीते साल २०१७ में सिंतबर में जारी किए गए| नए गजट में रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि नोटों को उनके क्षतिग्रस्त हिस्से के आधार पर बदला जाएगा| २०० रुपये के नोट के लिए नोट का हिस्सा ७८ स्क्वॉयर सेंटिमीटर होना चाहिए| गौरतलब है कि नोट का पूरा साइज ९६.३६ ीिं ला है| अगर नोट का ७८ स्क्वॉयर सेंटिमीटर सही सलामत है तो धारक को पूरे पैसे मिल जाएंगे| वहीं अगर इससे ज्यादा ३९ ीिं ला तक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है तो सिर्फ आधे पैसे ही वापस होंगे|
वहीं २००० रुपये के नोट के लिए नोट का ८८ ीिं ला सही होना चाहिए| २००० नोट का साइज १०९.५६ ीिं ला होता है| वहीं अगर नोट का ४४ ीिं ला हिस्सा बचा है तो नोट की कीमत का आधा पैसा ही वापस होगा| निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नोट का बड़ा हिस्सा ही मान्य होगा|