आधी आबादी को पहली बार यह विदेशी कंपनी देगी ५० प्रतिशत महिला आरक्षण


राजनीतिक दल भारत में ३३ प्रतिशत आरक्षण की बात जरूर करते हैं लेकिन हकीकत में यह लागू नहीं हो पाता है| नौकरियों में भी महिलाओं का प्रतिशत बेहद कम है| ऐसे में एक कंपनी ने नई पहल शुरू की है| कंपनी में जूनियर स्तर के जॉब में ५० प्रतिशत महिला आरक्षण रखेगी| हालांकि यह कंपनी भारतीय नहीं है लेकिन दुनिया में इस तरह की पहल ही पहली बार हुई है|  जिस वर्ग का प्रतिनिधित्व कम, उसे मिलेगी वरीयता अमेरिका के इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन साक्स ने अपने कर्मचारियों में विविधता को बढ़ावा देने का फैसला किया है| इसके तहत बैंक ने जूनियर स्तर पर होने वाली नई नियुक्तियों में महिलाओं की संख्या ५०% रखने का फैसला किया है| साथ ही अश्वेत कर्मचारियों की संख्या ११% और लैटिन अमेरिकी कर्मचारियों की १४% होगी| बैंक ने एक साल पहले उन समूह के लोगों को ज्यादा हायर करने का फैसला किया था जिनका प्रतिनिधित्व कम है| इसमें महिलाओं, ब्लैक और लैटिन अमेरिकी लोगों की संख्या अब निर्धारित की गई है|  

हर वर्ग में हैं टैलेंटेड लोग 
गोल्डमैन साक्स में जूनियर स्तर पर सबसे ज्यादा जॉब एनालिस्ट और एसोसिएट्स के लिए आते हैं| बैंक में होने वाली कुल नियुक्तियों में ७०% इन्हीं दो विशेषज्ञता वाले लोगों के लिए होती हैं| बैंक ने एलजीबीटी, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी लक्ष्य तय किए हैं| गोल्डमैन साक्स के सीईओ डेविड सोलोमन ने कहा, ’हमारा लक्ष्य महत्वाकांक्षी है और एक नजर में मुश्किल नजर आ सकता है| लेकिन, समाज के हर वर्ग में टैलेंटेड लोगों की भरमार है और मुझे यकीन है कि हम लक्ष्य को हासिल कर लेंगे| 

अश्वेत और लैटिन अमेरिकी मूल के लोगों की संख्या भी बढ़ेगी 
अभी बैंक में श्वेत पुरुषों का दबदबा 
६०% कर्मचारी श्वेत पुरुष हैं|  ३८% महिलाओं की संख्या है| 
५.४% ब्लैक और ८.५% लैटिन अमेरिकी लोग कंपनी में मौजूद| 
८०% श्वेत हैं टॉप मैनेजर पदों पर| २२% महिलाएं और २.९% ब्लैक हैं|