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यह कार खुद चुनती थी अपने मालिक, महाराजा तक को किया था इनकार

दुनिया की सबसे महंगी कार कौन-सी है? इतनी महंगी कि अगर आपके पास करोड़ों हों तो भी इसे नहीं खरीद सकते, क्योंकि यह कार अपने मालिक को खुद चुनती है| कोई भी इस कार को पैसे के दम पर नहीं खरीद सकता| यह कंपनी उन्ही कस्टमर्स को कार बेचती है जिन्हें वह पसंद करती है या जिसे वह काबिल समझती हैं| इस कार कंपनी का नाम है रॉल्स रॉयस| हालांकि, कंपनी ने अब अपनी पॉलिसी में बदलाव कर दिया है| पहले कंपनी बिना प्रोफाइल के किसी को भी कार नहीं बेचती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है|
कंपनी ने बदला नियम
लग्जरी कार कंपनी रॉल्स रॉयस गुड वुड ब्रिटेन में स्थित है और यह हर किसी को कार नहीं बेचती| रॉल्स रॉयस केवल उन्ही को कार बेचती है जिन कस्टमर्स को वह पसंद करती है| इस कार कंपनी का कस्टमर्स को चुनने का अपना ही तरीका है| वह देखती है कि कस्टमर इस कार के काबिल है या नहीं|
आमतौर पर यह कार सेलेब्स, बिजनेसमैन और दूसरे फेमस लोगों को दी जाती है| कहा जाता था कि आप रॉल्स रॉयस को पैसे से नहीं खरीद सकते, अगर आप इसके योग्य हैं तो ही आप इसे हासिल कर सकते हैं| हालांकि, पॉलिसी में बदलाव के बाद इस नियम को हटा दिया गया है|
रॉल्स रॉयस में क्या है खास
रॉल्स रॉयस की कारें कस्टमर्स को उच्चतम स्तर का लग्जरी अनुभव देती है| इसकी कारों में वी१२ डायरेक्ट इनजेक्मन इंजन का इस्तेमाल होता है| इसके साथ ही इसमें ८ स्पीड गियर बॉक्स का यूज किया जाता है| कार के इंटीरियर को कस्टमर्स के हिसाब से कस्टमाइज्ड किया जाता है| इसके लिए कंपनी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और एक्सपर्ट क्राफ्टमैन का यूज करती है|
भारत में किसके पास है रॉल्स रॉयस ?
भारत में चुनिंदा लोगों के पास रॉल्स रॉयस है
अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार, प्रियंका चोपड़ा, मान्यता दत्त (संजय दत्त की पत्नी), साउथ इंडिया के एक्टर विजय, साउथ इंडिया के एक्टर चिरंजीवी, आदि गोदरेज, रमेश बाबू, मदर्स प्राइड के डायरेक्टर पारस गुप्ता
इस बॉलीवुड एक्ट्रेस को नहीं दी थी कार
बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत को रॉल्स रॉयस ने कार देने से इनकार कर दिया था|
कंपनी ने कहा, ‘मल्लिका शेरावत रॉल्स रॉयस खरीदना चाहती थीं लेकिन इसे इनकार कर दिया गया| यह कार केवल उनको नहीं बेची जा सकती जो केवल इसे खरीदने की चाहत रखते हैं| यहां एक प्रोसेस है जहां तय किया जाता है कि अगर व्यक्ति खरीदना चाहता है तो वह इसका मालिक बनने के लिए फिट है या नहीं और इसके लिए केवल पैसा ही पर्याप्त नहीं है| व्यक्ति के पूरे प्रोफाइल, बीते कुछ साल में सामाजिक गतिविधियों की जांच की जाती है| इसके बाद ही फैसला लिया जाता था|
महाराजा को भी किया था इनकार...
सन १९२० में एक सुबह, एक भारतीय सेंट्रल लंदन में रॉल्स रॉयस डीलरशिप में गया| उस भारतीय ने रॉल्स रॉयस की फैंटश २ डोर्स की कीशत और फीचर्स के बारे में पूछताछ की| उनके कपड़े साशान्य थे और वह रॉल्य रॉयस कस्टमर्स जैसे बिल्कुल नहीं लग रहे थे| सेल्समैन ने उस भारतीय को बाहर जाने के लिए कहा| सेल्समैन ने कहा कि वह उसका समय न खराब करें| वह भारतीय अलवर के महाराजा ‘जय सिंह ‘थे|
महाराजा ने क्या किया?
महाराजा जय सिंह ने डीलरशिप में खड़े होकर मैनेजर को बुलाया और अपनी पहचान बताई| जय सिंह ने मैनेजर को शोरूम में मौजूद सातों कारों को खरीदने के लिए ऑर्डर दिया| जय सिंह ने यह भी कहा कि वह इस सेल्समैन को भारत में डिलिवरी के लिए भेजें| उस वक्त तक सेल्समैन को समझ नहीं आया था कि उसने इस व्यक्ति को इनकार किया था|
महाराजा ने उन कारों का क्या किया ?
डिलिवरी के साथ वह सेल्समैन महाराजा के महल के सामने पहुंचा| जय सिंह ने प्रत्येक कार को नगरपालिका के पास भेज दिया और कहा कि इन कारों से कचरा उठाने और सड़क की सफाई कराई जाए|
दुनिया भर मे उड़ा मजाक...
रॉल्य रॉयस कार नगरपालिका के लिए कचरागाड़ी के रूप में यूज करने की खबर पूरी दुनिया में फैल गई| यूरोप-अमेरिका में कोई अमीर व्यक्ति अगर ये कहता था कि मेरे पास रॉल्स रॉयस कार है तो सामने वाला पूछता कौन-सी? वही जो भारत में कचरा उठाने के काम आती है! वही? बदनामी के कारण और कारों की बिक्री में एकदम कमी आने से रॉल्स रॉयस कंपनी के मालिकों को बहुत नुकसान होने लगा| महाराज जयसिंह को उन्होंने माफी मांगते हुए टेलिग्राम भेजे और अनुरोध किया कि रॉल्स रॉयस कारों से कचरा उठवाना बंद करवाएं| माफी पत्र लिखने के साथ ही ६ और मोटर कार बिना शूल्य देने के लिए भी तैयार हो गए|